आपको बता दे कि 12 जून को लंदन के लिए रवाना हो रही AI-171 फ्लाइट अहमदाबाद के पास एक मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गई। यह हादसा भारत के विमानन इतिहास में सबसे घातक माना जा रहा है, जिसने देशभर में विमान सुरक्षा मानकों पर बहस छेड़ दी है।
DGCA की कार्रवाई: लापरवाही पर ज़ीरो टॉलरेंस
DGCA ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एअर इंडिया के तीन अधिकारियों—डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट चूड़ा सिंह, चीफ मैनेजर पिंकी मित्तल, और क्रू शेड्यूलिंग प्लानर पायल अरोड़ा—को उनके पदों से हटाने का निर्देश जारी किया है।
इन पर मुख्य रूप से निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं:-
उड़ान क्रू की तैनाती में गंभीर अनियमितताएं - अनुभव और लाइसेंस संबंधी नियमों का उल्लंघन - क्रू प्रबंधन प्रोटोकॉल की पर्याप्त निगरानी न करना DGCA ने एअर इंडिया से 10 दिनों के भीतर इन अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने को कहा है। साथ ही, आदेश दिया गया है कि जब तक सुधारात्मक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, उन्हें उड़ान सुरक्षा या क्रू ऑपरेशंस से जुड़ी कोई भी भूमिका न दी जाए।इस घटना के बाद DGCA ने सभी वाणिज्यिक एयरलाइनों के लिए क्रू मैनेजमेंट ऑडिट और फ्लाइट शेड्यूलिंग प्रोटोकॉल की गहन समीक्षा शुरू कर दी है। एयरलाइनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अगले 30 दिनों में अपने क्रू शेड्यूलिंग सिस्टम की ऑडिट रिपोर्ट जमा करें।
यह हादसा आम लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर गया है। विमान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए DGCA की कार्रवाई को एक सख़्त लेकिन ज़रूरी कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्ती भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मददगार हो सकती है।
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